
रिंगनोद के अति प्राचीन श्री मनोकामेश्वर महादेव मंदिर में पंचदिवसीय श्री शिव महापुराण कथा अंतर्गत द्वितीय दिवस शनिवार को शिव पार्वती विवाह प्रसंग हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। खेड़ा पीपलोदी रतलाम के कथा व्यास पंडित श्री बालकृष्ण जी नागर ने दोपहर 12 से 3 तक कथा प्रसंग में मानव जीवन के कई प्रासंगिक विषयों पर गहन चिंतन प्रकाश डाला।
श्री नागर ने बताया कि वर्तमान समय में बेटी और बेटे में भेद नहीं रखना चाहिए । आजकल देखा जाता है कि बेटी पैदा होने पर परिवार में खुशी का माहौल नहीं रहता है वही बेटा पैदा होने पर मोहल्ले एवं गांव में खुशि से मिठाई बांटकर जमकर आतिशबाजी की जाती है। बेटी है तो कल है।
घर आंगन के बाहर तुलसी का पौधा लगाकर नियमित पूजा करनी चाहिए। तीर्थ क्षेत्र में जाकर नदियों को दूषित नहीं करना चाहिए, शैंपू ,साबुन लगाकर जल को दूषित किया जाता है जो कि गलत है हमारे ऋषि मुनि पवित्र जल में एक डुबकी लगाकर मन से शुद्ध हो जाते हैं। मन को पवित्र रख कर ही तन को शुद्ध किया जा सकता है। कलयुग केवल नाम अधारा। जिस तरह आपका आधार कार्ड से ही आपकी पहचान होती है बिना आधार के आपकी पहचान एवं प्रवेश नहीं होता , उसी तरहकलयुग में राम नाम, शिव नाम ही जीवन का आधार है । नाम की महिमा का वर्णन करते हुए गुरुदेव ने बताया कि जिस तरह राम नाम लिखे पत्थर तैर जाते हैं ठीक उसी तरह नाम जपने से मानव भी भव से तर जाता है।

शिव पार्वती विवाह प्रसंग के अवसर पर विभिन्न वेशभूषा में सज- धज कर आए शिव पार्वती एवं बारातियों द्वारा विवाह रस्म अदायगी पूर्ण की गई।
वहीं प्रतिदिन विभिन्न जोड़ो द्वारा मनकामनेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक किया जा रहा है।कथा विराम एवं महा आरती के पश्चात विभिन्न लाभार्थियों द्वारा महाप्रसादी का लाभ लिया जा रहा है।
28 दिसंबर रविवार को प्रात:9 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन कथा पांडाल में रखा है जिसमें
जोड़ रोग: – साइटिका, कमर दर्द, घुटने का दर्द ।
पेट रोग :-कब्ज ,गैस ,एसिडिटी ,जलन।
श्वास रोग:- बार-बार सर्दी खांसी होना, सांस फूलना, एलर्जी, छींक।असमय बालों का झड़ना आदि रोगों के निदान के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर के साथ ही निःशुल्क दवाई वितरण का आयोजन रखा गया है।









