
बाँदा उत्तर प्रदेश
कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार आज 15 नवम्बर 2025 को जनजातीय गौरव वर्ष के अवसर पर जन शिक्षण संस्थान बाँदा में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के निदेशक मो. सलीम अख्तर ने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन परिचय और उनके योगदान के वर्णन से की।
वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी सौम्या खरे ने बताया कि बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवम्बर 1875 को झारखंड के खूंटी जिले के उलिहातू गाँव में हुआ था। वे आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, समाज सुधारक और लोकनायक थे, जिन्हें “धरती आबा” के नाम से जाना जाता है। उन्होंने आदिवासी समाज में सामाजिक और धार्मिक सुधारों के लिए “बिरसैत” धर्म की स्थापना की, जिसमें चोरी, झूठ और हत्या जैसी बुराइयों को रोका गया।
संगोष्ठी में उपस्थित प्रतिभागियों को भारत के संविधान की प्रस्तावना की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम के समापन पर कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार पाण्डेय ने प्रशिक्षणार्थियों और अनुदेशिकाओं का आभार व्यक्त किया। संगोष्ठी में सहायक कार्यक्रम अधिकारी मयंक सिंह, क्षेत्र सहायिका शिवांगी द्विवेदी, परिचर मनोज कुमार, अनुदेशिका श्रीमती सीता तिवारी और लगभग 40 प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
रिपोर्टर – शिवनेश द्विवेदी









