सिराली, मध्यप्रदेश
महेंद्रगांव माध्यमिक शाला में शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ प्रधान पाठक श्रीराम जाटव द्वारा छात्रों से झाड़ू लगवाने और अन्य श्रम कार्य कराए जाने का आरोप लगा है। ग्रामीणों और अभिभावकों के अनुसार बच्चे पढ़ने जाते हैं, लेकिन स्कूल परिसर की सफाई जैसे कार्य उनसे करवाए जा रहे हैं।
जब प्रधान पाठक से इस संबंध में प्रश्न पूछा गया, तो उन्होंने चौंकाने वाला उत्तर देते हुए कहा— “हम तो बच्चों से सुबह-शाम झाड़ू भी लगवाते हैं, इसमें गलत क्या है?” उनका यह बयान न केवल शिक्षण व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए बने नियमों का स्पष्ट उल्लंघन भी है।
मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार किसी भी परिस्थिति में छात्रों से श्रम कार्य नहीं कराया जा सकता। ऐसा करना बाल श्रम निषेध कानून के दायरे में भी आता है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने इस घटना पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि यह स्थिति जारी रही, तो वे बच्चों को स्कूल भेजने में भी हिचकिचाएँगे।
ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से तत्काल जांच कर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब प्रशासन की सक्रियता तय करेगी कि बच्चों के अधिकारों और भविष्य की रक्षा कैसे की जाएगी।
संवाददाता – अकील खान









