हाजीपुर, बिहार
बिहार विधानसभा चुनाव के सबसे चर्चित मुकाबलों में शामिल तेजप्रताप यादव और तेजस्वी यादव की किस्मत का फैसला आज मतगणना के बीच होगा। दोनों भाई पहली बार चुनाव मैदान में एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी बने हैं, ऐसे में प्रशासन ने किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए कड़े और विशेष इंतजाम किए हैं।
चुनाव आयोग एवं स्थानीय प्रशासन ने आशंका जताई कि नतीजों के बाद दोनों पक्षों के समर्थक आपस में भिड़ सकते हैं। इसलिए दोनों नेताओं के मतगणना केंद्र अलग-अलग रखे गए हैं। महुआ से चुनाव लड़ रहे तेजप्रताप के क्षेत्र में 354 बूथों की गिनती होगी, जिसमें लगभग 25 राउंड लगेंगे। वहीं राघोपुर के उम्मीदवार तेजस्वी यादव के लिए 408 बूथों की मतगणना होगी, जिसमें करीब 29 राउंड शामिल हैं। दोनों काउंटिंग स्थल एक-दूसरे से लगभग 3 किलोमीटर दूरी पर स्थित हैं, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
जिले की 8 विधानसभा सीटों के लिए दो मतगणना केंद्र बनाए गए हैं— हाजीपुर स्थित आरएन कॉलेज और आईटीआई हरिवंशपुर। आरएन कॉलेज में लालगंज, वैशाली, महुआ, महनार और राजापाकर की मतगणना होगी, जबकि आईटीआई केंद्र पर हाजीपुर, राघोपुर और पातेपुर की गिनती की जाएगी।
जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है। डीएम वर्षा सिंह एवं एसपी ने सभी अधिकारियों और मतगणना कर्मियों को संयुक्त ब्रीफिंग देकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिले की आठ सीटों पर कुल 17,37,974 मत गिने जाएंगे। दोनों केंद्रों पर 14-14 टेबल लगाए गए हैं। सबसे पहले 9301 पोस्टल बैलेट की गिनती होगी, इसके बाद EVM खोले जाएंगे। सुरक्षा के लिए बिहार पुलिस, बीएमपी और CAPF की तैनाती की गई है।
तेजप्रताप और तेजस्वी के आमने-सामने होने से यह मुकाबला लालू परिवार के भीतर भी बड़ी राजनीतिक परीक्षा बन गया है। तेजस्वी जहां तेजप्रताप के क्षेत्र में सक्रिय रहे, वहीं तेजप्रताप ने भी राघोपुर में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। दोनों सीटों पर केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय की भी नजर बनी हुई है।
रिपोर्ट — नवीन कुमार









