बरेली, उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के चर्चित एसआरएमएस ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार, ब्लैकमनी, कर्मचारियों के शोषण और मनमानी के गंभीर आरोप लगे हैं। इस संबंध में की गई शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंची, जिसके आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है और ट्रस्ट को नोटिस जारी किया गया है।
संस्थान के पूर्व एचआर मैनेजर आशीष ने एक वीडियो जारी कर अंदरूनी घोटालों का खुलासा किया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। आशीष ने दावा किया कि संस्थान में करीब 4,500 कर्मचारियों को सैलरी कैश में दी जाती है, जबकि उनसे जबरन चेक पर हस्ताक्षर कराए जाते हैं, जिनमें लिखा होता है कि कर्मचारियों ने अपनी सैलरी ट्रस्ट को दान में दी है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एमबीबीएस कोर्स की फीस दो हिस्सों में ली जाती है—एक हिस्सा ऑनलाइन और दूसरा कैश में। इस तरह से ब्लैकमनी को व्हाइट करने का संगठित खेल चलाया जा रहा है। वीडियो के वायरल होते ही एसआरएमएस ट्रस्ट और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
संवाददाता छत्रपाल









